उठ जाग पथिक अब पोट उठा, अरुणा अम्बर को सहलाती: विमल मेहरा ‘आदिल’

विमल मेहरा की कविता पथिक उठ जाग पथिक अब पोट उठा, अरुणा अम्बर को सहलाती  आलोक प्रहर की आभा ने धो…

‘शायरी’ एहसास की सतह पर अपने इज़हार का नाम है- वसीम ‘बरेलवी’

अमर उजाला डॉट कॉम के काव्य की नई पेशकश 'शख़्सियत' की कड़ी में जाने-माने उर्दू शायर वसीम 'बरेलवी' बतौर अतिथि…

‘कातिल’ पर ये हैं 10 बेहतरीन शेर…

'कातिल' पर ये हैं 10 बेहतरीन शेर...

शहरयार की चुनिंदा ग़ज़ल: सियाह रात नहीं लेती नाम ढलने का

शहरयार की चुनिंदा ग़ज़ल: सियाह रात नहीं लेती नाम ढलने का...

उदय प्रकाश की बेहतरीन कविता – सहानुभूति की मांग

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आराधना

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पलक

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गाँव मिट जायेगा शहर जल जायेगा- बशीर बद्र

उर्दू शायरी में बशीर बद्र बड़ा नाम है। देश की सामाजिक, राजनैतिक और धार्मिक स्थितियों पर बशीर साहब ने शेर-शायरी…